अगर आप किसी रेस या एथलेटिक इवेंट के लिए ट्रेनिंग कर रहे हैं, तो मुमकिन है कि आपके पास एक सख़्त ट्रेनिंग रूटीन है जिसे आप फ़ॉलो करने की कोशिश करते हैं — जैसे, हफ़्ते में पाँच दिन ट्रेनिंग और दो दिन आराम. लेकिन आपकी बॉडी, और आपकी रिकवरी, हर दिन अलग होती है. कुछ दिनों में आप बहुत थके हुए महसूस कर सकते हैं, और जबकि दूसरे दिनों में आप एकदम बढ़िया महसूस करते हैं.

तो आपका गाइड कौन होना चाहिए — आपका ट्रेनिंग शेड्यूल या आपकी बॉडी?

छोटा जवाब: एक रूटीन बनाए रखें, लेकिन अपनी बॉडी की भी सुने.

अगर आप ऐसा ट्रेनिंग प्लान चाहते हैं जो आपके साथ-साथ एडजस्ट हो, तो अपनी बॉडी की परफ़ॉर्मेंस कैपेसिटी को सीधे समझना शुरू करें. Oura जैसी वियरेबल डिवाइस के साथ अपने हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV) पर ध्यान देने से आप अपनी वर्कआउट्स को एडजस्ट कर सकते हैं ताकि ज़्यादा मुश्किल ट्रेनिंग के दिन आपके कैलेंडर के हिसाब से नहीं, बल्कि आपकी बॉडी की तैयारी के हिसाब से हों.

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HRV: आपकी ट्रेनिंग कैपेसिटी की एक झलक

HRV आपकी धड़कनों के बीच का अंतर है, जिसे मिलीसेकंड्स में मापा जाता है.. यह आपकी बॉडी की ट्रेनिंग कैपेसिटी का मज़बूत संकेत है, क्योंकि यह आपके ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम (ANS) की एक्टिविटी को दिखाता है.

दूसरे शब्दों में, HRV बताता है कि आपका ANS अपनी रोज़ की भरी-पूरी टू-डू लिस्ट को कैसे बैलेंस कर रहा है.

एक तरफ़ आपका फ़ाइट-ऑर-फ़्लाइट सिस्टम शॉर्ट-टर्म परफ़ॉर्मेंस बढ़ाने के लिए एनर्जी ख़र्च करता है, ताकि मेंटल और फ़िज़िकल स्ट्रेसर्स (जैसे रोज़ का तनाव या वर्कआउट) का सामना किया जा सके. दूसरी तरफ़, आपका रेस्ट-एंड-डाइजेस्ट सिस्टम को एनर्जी चाहिए ताकि लंबे समय तक सेहत बनी रहे, ताकि बॉडी का बैलेंस बना रहे, बॉडी रिपेयर हो, मसल्स मज़बूत हों और इम्यून सिस्टम सपोर्ट मिले.

आपको दोनों की ज़रूरत है — एथलेटिक कारनामों के लिए तैयार होने के लिए (फ़ाइट-ऑर-फ़्लाइट) और बाद में रिकवर करने के लिए (रेस्ट-एंड-डाइजेस्ट).

HRV उस बैलेंस को आपकी कुल लोड का एक होलिस्टिक पैमाना बनकर दिखाता है. हर दिन ख़ुद पर जितना ज़्यादा दबाव डालते हैं, उतनी ही कम एनर्जी असरदार ट्रेनिंग के लिए बचती है.

मेंबर स्टोरी: Oura मेंबर और मैराथन रनर Raj K. लो हार्ट रेट रन्स शामिल करके अपना HRV 10 पॉइंट्स बढ़ा पाए, जो इस बात का इशारा है कि ट्रेनिंग के दौरान उनका कार्डियोरेस्पिरेटरी सिस्टम ज़्यादा एफ़िशिएंट हो गया था.

HRV को ऐसे देखें जैसे यह आपकी ट्रेनिंग का फ़्यूल मीटर हो.

  • अगर आपका HRV आपके एवरेज से कम है, तो इसका मतलब है कि आपके ANS के एक हिस्से से एनर्जी की माँग पहले से ही ज़्यादा है. हो सकता है लगातार स्ट्रेस की वजह से आपका फ़ाइट-ऑर-फ़्लाइट चालू हो, या फिर आपका रेस्ट-एंड-डाइजेस्ट किसी सर्दी-ज़ुकाम से लड़ रहा हो. अभी ज़ोर लगाने का मतलब है अपनी बॉडी से ऐसे रिसोर्सेज़ ख़र्च करने को कहना जो शायद उसके पास हों ही नहीं, जिससे ओवरट्रेनिंग का ख़तरा बढ़ जाता है और बॉडी पर उससे ज़्यादा स्ट्रेस पड़ता है जितना वो संभाल सकती है.
  • अगर आपका HRV आपके एवरेज से ज़्यादा है, तो आप चलने के लिए तैयार हैं. आपका ANS स्ट्रेस का असरदार जवाब देने के लिए तैयार है—फ़ाइट-ऑर-फ़्लाइट एक्शन और रेस्ट-एंड-डाइजेस्ट रिकवरी के बीच आसानी से स्विच हो रहा है. अभी मेहनत करने से आप अपनी बॉडी की रिकवरी पावर का पूरा फ़ायदा उठा सकते हैं, जिससे वो मुश्किल वर्कआउट के बाद जल्दी वापस पटरी पर आ जाए.

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इन पैटर्न्स को पहचानें

Oura के साथ सर्फ़िंग

अगर आप अपनी ट्रेनिंग और रिकवरी के दिनों को बैलेंस करने की कोशिश कर रहे हैं, तो लाइन कहाँ है यह जानना मुश्किल हो सकता है जब तक आप उसे पार न कर चुके हों. आप ऐसी ट्रेनिंग नहीं करना चाहेंगे जिसका बोझ आपकी बॉडी उठा ही न पाए.

HRV पर नज़र रखने से आपको साफ़ दिखता है कि आपकी बॉडी कब इंटेंस वर्कआउट के लिए तैयार है.

अपनी बेसलाइन के हिसाब से इन पैटर्न्स पर ध्यान दें:

  • HRV में थोड़ी कमी नॉर्मल है जब आप ट्रेनिंग से उबर रहे हों, फ़िज़िकल स्ट्रेस और रिकवरी के बीच बदलते हुए.
  • HRV में बड़ी गिरावट एक शुरुआती चेतावनी है कि आप शायद अपने सिस्टम पर बहुत ज़्यादा काम करवा रहे हैं. मुश्किल ट्रेनिंग सेशन, ख़ासकर जब थकान पहले से ही रही हो, आपके HRV को कम कर देगा.
  • लगातार कम HRV, जो आपकी नॉर्मल रेंज से बाहर हो, इस बात का संकेत है कि आप रिकवरी के लिए काफ़ी समय नहीं दे रहे.
मेंबर टिप: जब हमने Oura मेंबर्स से पूछा कि उन्होंने अपना HRV कैसे बेहतर किया,तो सबसे लोकप्रिय जवाबों में ब्रीदवर्क, मेडिटेशन, रोज़ाना एक्सरसाइज़ और धूप में बाहर समय बिताना शामिल था.

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अपनी एथलेटिक ट्रेनिंग में HRV को कैसे शामिल करें

अगर आप वो एक्स्ट्रा एज चाहते हैं, तो अपने Oura ऐप में HRV मेट्रिक्स को गौर से देखें. यहाँ कुछ तरीके हैं जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपका HRV आपकी ट्रेनिंग पर कैसे असर डाल रहा है:

बेसलाइन बनाएँ: HRV की वैल्यूज़ नैचुरली ऊपर-नीचे होती रहती हैं. नंबर्स को सीधे मान लेने से पहले ख़ुद को कम से कम 2 हफ़्ते दें ताकि साफ़ बेसलाइन बना सकें.

अपने ख़ुद के नंबर जानिए: आपकी वैल्यूज़ बस वही हैं — आपकी. रेस्टिंग हार्ट रेट के लिए, 40s में एक टार्गेट नंबर है जिसके लिए सभी एथलीट्स कोशिश कर सकते हैं. लेकिन HRV अलग है. HRV के लिए कोई गोल्ड स्टैंडर्ड रेंज नहीं है; यह बहुत पर्सनल है, और कई एलीट एथलीट्स की हाई और लो दोनों तरह की रेंज होती है.

अपने HRV से तय करें कब ज़ोर लगाना है: जब आपका HRV आपकी बेसलाइन के हिसाब से हाई हो, तो यह अच्छा संकेत है कि आप मुश्किल ट्रेनिंग कर सकते हैं और जल्दी रिकवर होने की संभावना है. जिन दिनों आपका HRV कम हो, अपनी रिकवरी पर ध्यान दें, मेंटल और फ़िज़िकल दोनों तरह की.

अपने HRV को स्लीप डेटा के साथ मिलाएँ: मुश्किल ट्रेनिंग के दिन आपकी बॉडी को सिग्नल देते हैं कि टिश्यू रिपेयर के लिए गहरी नींद को अहमियत दी जाए. इस बात पर नज़र रखें कि इससे दिमाग़ से जुड़ी स्लीप स्टेजेज़ जैसे REM स्लीपपर कैसे असर पड़ता है, जो बेहतरीन मेंटल परफ़ॉर्मेंस के लिए भी ज़रूरी है.

लंबे समय में देखें: पूरे महीने में अपने HRV के पैटर्न्स पर नज़र रखें,और ध्यान रखें कि जैसे-जैसे आपकी फ़िटनेस और रिज़‍िलियंस बेहतर होती है, आपकी रोज़ाना की HRV वैल्यूज़ ऊपर-नीचे हो सकती हैं.

हर तरह की मूवमेंट मायने रखती है. Oura के साथ अपने लक्ष्य तय करें और अपनी एक्टिविटी पर नज़र रखें.
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