गहरी नींद, जिसे स्लो‑वेव स्लीप भी कहा जाता है, आपकी बॉडी के लिए सबसे ज़्यादा स्फूर्ति देने वाली नींद की स्टेज माना जाता है. गहरी नींद के दौरान, जो तीसरे NREM (नॉन-रैपिड आई मूवमेंट) साइकिल में आती है, आपका बॉडी दिमाग़ से लेकर मसल्स तक कई सिस्टम्स को रिपेयर और रिस्टोर करने में जुट जाती है.  

एक बार फिर से समझ लेते हैं, हर रात आपका दिमाग़ नींद के अलग-अलग स्टेज से होकर गुजरता है, जैसे कि कोई रोलरकोस्टर की सवारी हो. आप पूरी रात में इस सायकल को कम से कम चार या पाँच बार दोहराते हैं. नींद का हर स्टेज अलग- अलग वजह से ज़रूरी है, लेकिन गहरी नींद वह समय है जब आपकी बॉडी और दिमाग़ के लिए रात का ‘असली जादू’ शुरू होता है. 

गहरी नींद के फ़ायदे, आपको कितनी गहरी नींद लेनी चाहिए और इसे बढ़ाने के तरीक़ों को जानने के लिए आगे पढ़ते रहें. 

और पढ़ें: नींद के स्टेज क्या-क्या होते हैं?

गहरी नींद के दौरान क्या होता है? 

गहरी नींद के दौरान. आपकी बॉडी की सारी एक्टिविटी काफ़ी हद तक धीमी हो जाती है. आपकी हार्ट रेट और साँसें अपनी सबसे कम स्पीड पर होती हैं और मसल्स पूरी तरह से ढीले और रिलैक्स हो जाते हैं. आपके दिमाग़ की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी लंबी और धीमी डेल्टा वेव्स में बदल जाती है, इसलिए इसे “स्लो‑वेव स्लीप” कहा जाता है. इस दौरान नींद इतनी गहरी होती है कि उठना मुश्किल पड़ता है — और उठ भी जाएँ तो सुस्ती और थोड़ी-सी उलझन महसूस करेंगे. 

आमतौर पर गहरी नींद सोने के लगभग एक घंटे के अंदर शुरू हो जाती है और ज़्यादातर गहरी नींद रात के पहले हिस्से में मिलती है. (इसके मायने क्या हैं/यह क्यों ज़रूरी है, इसके बारे में और जानकारी!)

आपको कितनी गहरी नींद की ज़रूरत है?

रिसर्च के मुताबिक, एक वयस्क अपनी नींद में बिताए गए समय का लगभग 13 से 23% हिस्सा गहरी नींद में बिताता है. ट्रांसलेशन? आप इस बॉडी को ठीक करने वाले और हीलिंग फेज़ में क़रीब एक से दो घंटे तक बिताते हैं. ध्यान रहे कि बढ़ती उम्र के साथ लोगों को कुल मिलाकर कम नींद की ज़रूरत होती है, इसलिए उनकी गहरी नींद का हिस्सा भी कम हो सकता है. 

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आपको कैसे पता चलेगा कि आपको जितनी चाहिए उतनी गहरी नींद नहीं मिल रही है?

अगर आप अक्सर सोकर उठने के बाद थकान या भारीपन महसूस करते हैं, तो मुमकिन है कि आपको उतनी गहरी नींद नहीं मिल रही जितनी मिलनी चाहिए. गहरी नींद की कमी की वजह से आपको कई परेशानियाँ हो सकती हैं, जैसे कि चिड़चिड़ापन, दिन भर थकान रहना, फ़ोकस की कमी, ज़्यादा भूख लगना या छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना.

मेंबर टिप: आप अपने Oura ऐप में अपना नींद का स्कोर चेक कर सकते हैं, जिससे आपको पता चल जाएगा कि आप हर रात कितनी गहरी नींद ले रहे हैं. साथ ही, आप समय के साथ अपनी नींद के ट्रेंड्स को भी देख सकते हैं. गहरी नींद के साथ आपकी नींद पर असर डालने वाली चीज़ों के बारे में और जानने के लिए यह गाइड आपकी मदद करेगी

क्या बहुत ज़्यादा गहरी नींद लेना भी नुकसानदेह हो सकता है?

“जी नहीं, ऐसा नहीं है. आम तौर पर, ज़रूरत से ज़्यादा नींद लेने से कभी भी कोई समस्या नहीं होती.,” Oura में सीनियर मशीन लर्निंग डेटा साइंटिस्ट, डॉ. राफेल वैलेट कहते हैं. “ज़्यादातर लोगों के लिए, गहरी नींद जितनी ज़्यादा हो, उतना ही बेहतर है.” 

वैलैट का कहना है कि चिंता की बात सिर्फ़ तब है जब आप भरपूर नींद ले रहे हों और फिर भी दिन भर बहुत ज़्यादा थकान महसूस करें. यह किसी अंदरूनी नींद की बीमारी या सेहत से जुड़ी किसी दूसरी समस्या का इशारा हो सकता है. इसका एक उदाहरण है इडियोपैथिक हाइपरसोम्निया नाम की बीमारी, हालाँकि यह बहुत कम लोगों में पाई जाती है. इसमें इंसान रात में 11 घंटे से ज़्यादा सोकर भी दिन भर बहुत थकान महसूस करता है.

गहरी नींद के क्या फ़ायदे हैं?

REM नींद के मुकाबले, गहरी नींद बॉडी की थकान मिटाने और रिकवरी के लिए ज़्यादा ज़रूरी है, लेकिन यह आपकी बॉडी के कई दूसरे सिस्टम के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होती है. 

माँसपेशियों, टिश्यू और हड्डियों की मरम्मत

गहरी नींद के दौरान आपकी बॉडी हड्डियों, माँसपेशियों और टिश्यू की मरम्मत करता है और उन्हें फिर से बेहतर बनाता है. यह माँसपेशियों में खून के बहाव को भी बढ़ाता है, जिससे अगले दिन होने वाले दर्द और थकान को कम करने में मदद मिलती है. रिसर्च बताती है कि गहरी नींद की कमी से माँसपेशियाँ कम होने लगती हैं और यह हड्डियों की सेहत को भी नुकसान पहुँचाता है. नींद आपकी माँसपेशियों को बढ़ाने और उनकी रिकवरी में कैसे मदद करती है, इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए यहाँ पढ़ें.

मेटाबॉलिक हेल्थ

एक रिसर्च से पता चला है कि गहरी नींद बॉडी में ग्लूकोज़ लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करती है, जबकि गहरी नींद की कमी से टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ सकता है. गहरी नींद ग्रोथ हार्मोन को भी बढ़ाती है, जो बॉडी में इंसुलिन सेंसिटिविटी और माँसपेशियों को बेहतर बनाने में सपोर्ट करता है. 

गहरी नींद स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को बनने से भी रोकती है. बॉडी में इसकी ज़्यादा मात्रा सेहत पर बुरा असर डालती है, जिससे वज़न बढ़ना और डेमेंटिया जैसी बीमारियों का ख़तरा बढ़ सकता है.

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एनर्जी बनाना

गहरी नींद के दौरान, आपका दिमाग़ एनर्जी की भरपाई करता है. इसमें एडिनोसिन ट्राइफ़ॉस्फ़ेट (ATP) का स्टोरेज़ होता है. ATP एक ऐसा मॉलिक्यूल है जो खाने से मिलने वाली एनर्जी को बॉडी के सेल्स तक पहुँचाने का काम करता है. यह बॉडी के ज़रूरी कामों के लिए एनर्जी का अहम ज़रिया है, जैसे कि माँसपेशियों का खिंचाव और प्रोटीन बनाना.

रिसर्च बताती हैं कि गहरी नींद रिपेयरिंग और एनर्जी को फिर से भरने का काम करती है, जिससे आपकी बॉडी को थकान मिटाने में मदद मिलती है. यही वजह है कि एक्टिव रहने वाले लोगों के लिए नींद की यह स्टेज सबसे पसंदीदा और ज़रूरी होती है.  

दिमाग़ की सफाई 

गहरी नींद असल में दिमाग़ के लिए नहाने के समय की तरह है. दिन भर लगभग 100 अरब न्यूरॉन के काम करने की वजह से दिमाग़ में काफ़ी गंदगी जमा हो जाती है. इसमें बीटा-एमिलॉयड और टाऊ जैसे चिपचिपे प्रोटीन शामिल हैं, जो अल्ज़ाइमर जैसी दिमाग़ी बीमारियों की वज़ह बनते हैं.

जब आप गहरी नींद में होते हैं, तो रीढ़ की हड्डी से एक ख़ास तरल पदार्थ सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) दिमाग़ तक पहुँचता है. यह ग्लाइम्फैटिक सिस्टम के ज़रिए दिमाग़ में जमा ज़हरीले प्रोटीन को बाहर निकालकर उसकी अच्छी तरह सफ़ाई कर देता है.  

मेमोरी फ़ंक्शन

एकदम साफ़-सुथरे दिमाग़ से मिलने वाले मेमोरी बूस्ट के अलावा, माना जाता है कि गहरी नींद की ‘स्लो वेव्स’ दिन भर की यादों को इकट्ठा करती हैं और उन्हें आपकी बॉडी के लॉन्ग-टर्म स्टोरेज में हिफ़ाजत से रख देती हैं.

2009 में, Why We Sleep के लेखक और UC बर्कले के प्रोफेसर मैथ्यू वॉकर ने एक स्टडी पब्लिश की थी, जिसमें बताया गया कि गहरी नींद यादों को पक्का करने और इवेंट व फैक्ट को याद रखने की बॉडी की कैपेसिटी को बेहतर बनाती है.

इन 7 रणनीतियों के साथ गहरी नींद को कैसे बढ़ाएँ

गहरी नींद कैसे लें, यह जानना चाहते हैं? गहरी नींद बढ़ाने के लिए यहाँ सात वैज्ञानिक तरीक़े दिए गए हैं.

1. जल्दी सो जाएँ.

क्योंकि गहरी नींद रात के शुरुआती घंटों में ज़्यादा आती है, इसलिए इसे पूरा लेने का सबसे अच्छा तरीक़ा यह है कि आप जल्दी सो जाएँ. साथ ही, कोशिश करें कि आपके सोने का शेड्यूल लगातार एक जैसा रहे, वीकेंड पर भी. Oura के साथ अपने सोने का समय कैसे जानें, इसके बारे में यहाँ पढ़ें.

2. ज़्यादा एक्सरसाइज़ करें.

स्लीप फाउंडेशनके मुताबिक, मॉडरेट से भारी एक्सरसाइज़ आपकी बॉडी को ज़्यादा गहरी नींद दिलाने में मदद करती है. और आम धारणा के उलट, वर्कआउट का समय उतना मायने नहीं रखता जितना आप सोचते हैं – अगर आपके पास सिर्फ़ शाम को ही एक्सरसाइज़ करने का समय है, तो भी यह आपकी बॉडी को बेहतर नींद दिलाने में मदद कर सकता है. (सोने से ठीक पहले बहुत ज़्यादा मेहनत वाले वर्कआउट करने से बचें.

3. आरामदायक दिनचर्या बनाएँ. 

गहरी नींद बढ़ाने का एक तरीक़ा वह भी है, जो आपकी बॉडी को सबसे ज़्यादा रिलैक्स पहुँचाता है. डॉ. नींद की रिसर्चर और Oura Advisor रेबेका रॉबिन्स का कहना है कि सोने से पहले एक रुटीन बनाना बहुत ज़रूरी है जो आपकी बॉडी को नींद के लिए तैयार करे. जैसे कि सोने से पहले चाय पीना, डायरी लिखना, मेडिटेशन, पढ़ाई करना या गरम पानी से नहाना या साउना लेना. 

और भी जानें: क्या आपको नींद नहीं आ रही है? जानिए, गर्म पानी से नहाना क्यों फ़ायदेमंद हो सकता है.

4. ज़्यादा फ़ाइबर खाएँ.

पता चला है कि यह न्यूट्रिएंट गहरी नींद लाने में बहुत असरदार है: रिसर्च से पता चला है कि फ़ाइबर आपकी बॉडी में स्लो-वेव एक्टिविटी और उसके समय को बढ़ाने में मदद कर सकता है. दूसरी ओर, अगर खाने में सैचुरेटेड फैट और कार्ब्स ज़्यादा हों, तो इससे नींद कम गहरी या हल्की नींद हो सकती है. अपनी डाइट में ज़्यादा से ज़्यादा साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियाँ शामिल करें और चाहें तो अपनी बॉडी के लिए साइलियम हस्क या रेजिस्टेंट स्टार्च जैसे फाइबर सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं.

मेंबर टिप: Oura मील्ससे जानें कि आपकी पसंद आपको कितनी अच्छी तरह एनर्जी दे रही है, ताकि आप हर दिन सबसे अच्छा महसूस कर सकें. क्रेविंग और एनर्जी की कमी को दूर करें, न्यूट्रिशनल इम्बैलेंस को पहचानें, और अपने गोल्स की तरफ बने रहें.

5. हल्की और शांत आवाज़ों के साथ ख़ुद को सुलाने की कोशिश करें.

एकॉस्टिक स्टिमुलेशन यानी ख़ास आवाज़ों की मदद से गहरी नींद को बढ़ाया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने पाया है कि गहरी नींद के दौरान निकलने वाली वेव और फ़्रीक्वेंसी से तालमेल बिठाकर, हम अपनी स्लो-वेव स्लीप को और भी बेहतर बना सकते हैं. 

इसे घर पर आज़माने के लिए, व्हाइट-नॉइज़ मशीन या किसी ऐप पर व्हाइट नॉइज़ चलाकर देखें. अगर आपके पास Oura ऐप है, तो आप इसके ‘एक्सप्लोर करें’ सेक्शन में जाकर सुकून देने वाली स्लीप साउंड की लाइब्रेरी में से अपनी पसंद का साउंड चुन सकते हैं.

6. कुछ नया सीखें.

इस बात के सबूत मिले हैं कि कोई नया काम सीखने से आपकी बॉडी को ज़्यादा गहरी नींद लेने में मदद मिलती है. दिमाग़ को तेज़ करने वाले फ़ायदों की वज़ह से, गहरी नींद आपकी सीखी हुई किसी भी स्किल को और बेहतर बनाने में मदद करती है. तो यह सबके लिए फ़ायदेमंद है.

7. अंधेरे में सोएँ.

किसी भी तरह की ब्लू-लाइट आपकी नींद में खलल डाल सकती है – चाहे वह खिड़कियों से आने वाली रोशनी हो या आपके इलेक्ट्रॉनिक सामानों की छोटी-छोटी इंडिकेटर लाइट. कई लोगों को ब्लैकआउट शेड्स इस्तेमाल करने, सोने वाली जगह पर मौजूद लाइटों पर इलेक्ट्रिकल टेप लगाने या रात में आरामदायक आई मास्क पहनने से अपनी बॉडी को बेहतर नींद दिलाने में कामयाबी मिली है. Ra Optics जैसे ब्लू-लाइट-ब्लॉकिंग चश्मे पहनना भी आपकी बॉडी के लिए काफ़ी मददगार हो सकता है. 

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Oura एक्सपर्ट के बारे में

राफेल वैलेट, PhD, Oura में एक सीनियर मशीन लर्निंग डेटा साइंटिस्ट हैं. उन्होंने पहले यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले के ‘सेंटर फॉर ह्यूमन स्लीप साइंस’ (प्रोफेसर मैट वॉकर की लैब) में स्लीप रिसर्चर के तौर पर काम किया है. उन्होंने नींद और इंसान की सेहत पर काफ़ी कुछ लिखा है और उनके काम को कई बड़े न्यूज़ मीडिया और पॉडकास्ट में फ़ीचर किया गया है. अपने खाली समय में, वे अपनी पत्नी और बेटी के साथ क्वालिटी टाइम बिताना, म्यूज़िक बजाना या दोस्तों के साथ हाइकिंग पर जाना पसंद करते हैं.