कार्डियोवैस्क्युलर डिज़ीज़ (CVD) दुनिया भर में मौत की अहम वजहों में से एक है, लेकिन अच्छी बात यह है कि इसे काफ़ी हद तक रोका जा सकता है. कुछ लाइफ़स्टाइल में बदलाव करके — जैसे हेल्दी डाइट खाना, बेहतर नींद लेना, रोज़ाना एक्सरसाइज़ करना, और स्मोकिंग छोड़ना — आप अपनी हार्ट हेल्थ को काफ़ी बेहतर बना सकते हैं.

इस सफ़र में आपकी मदद के लिए, Oura अब दो पावरफ़ुल हार्ट हेल्थ फ़ीचर्स देता है: कार्डियो कैपेसिटीऔर कार्डियोवैस्क्युलर एज ये टूल्स आपको समय के साथ अपनी हार्ट हेल्थ को मॉनिटर और समझने की सुविधा देते हैं, जिससे आपको पॉज़िटिव बदलाव करने और कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स को रोकने के लिए ज़रूरी जानकरी मिलती हैं.

नीचे देखें कि ये नए फ़ीचर्स हेल्दी हार्ट बनाए रखने और लंबी, सेहत से भरी ज़िंदगी जीने की आपकी कोशिशों में कैसे मदद कर सकते हैं.

कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ क्या है?

आपकी कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ का मतलब है आपके हार्ट और ब्लड वेसल्स की कुल मिलाकर सेहत, जिसमें हार्ट फ़ंक्शन, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल लेवल्स, ब्लड शुगर रेगुलेशन, और वैस्कुलर इंटीग्रिटी शामिल है.

एक हेल्दी कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम बनाए रखना लम्बे वक़्त की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है. अच्छी कार्डियोवैस्क्युलर हेल्थकोरोनरी हार्ट डिज़ीज़ और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के रिस्क को कम करने, कॉग्निटिव डिक्लाइन को धीमा करने, और लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी बढ़ाने में मदद कर सकती है.

कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के आम इंडिकेटर्स में ऑफ़िस या लैब-बेस्ड टेस्ट्स शामिल हैं जैसे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल्स, साथ ही वे मेट्रिक्स भी जो Oura फ़िलहाल ट्रैक करता है, जैसे रेस्टिंग हार्ट रेट और हार्ट रेट वेरिएबिलिटी.

मेंबर टिप: Oura के नएकार्डियोवैस्क्युलर एज और कार्डियो कैपेसिटी (VO2 max) फ़ीचर्स पल्स वेव वेलोसिटी और दूसरी मेज़रमेंट्स को इंटीग्रेट करते हैं ताकि आपकी हार्ट हेल्थ के बारे में और भी ज़्यादा जानकारी मिल सके.

क्या चीज़ें आपके कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज़ रिस्क को बढ़ाती हैं? 

जानकारी ताक़त है, और यह समझना ज़रूरी है कि कौन-कौन से रिस्क फ़ैक्टर्स कार्डियोवैस्क्युलर डिज़ीज़ (CVD) तक ले जा सकते हैं.

जबकि कुछ रिस्क फ़ैक्टर्स, जैसे जेंडर या उम्र को बदला नहीं जा सकता, वहीं दूसरे, जैसे लाइफ़स्टाइल हैबिट्स, आपके कंट्रोल में हैं — जिनके बारे में हम ज़्यादा डिटेल में बात करेंगे. 

कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज़ के लिए रिस्क फ़ैक्टर्स में ये शामिल हैं :

  • दिल की बीमारी की फ़ैमिली हिस्ट्री
  • तंबाकू का इस्तेमाल
  • अल्कोहल का सेवन
  • अनहेल्दी डाइट
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • डायबिटीज़
  • मोटापा
  • बैठे रहने वाली लाइफ़स्टाइल
  • बहुत ज्‍़यादा स्ट्रेस
  • दांतों की ख़राब सेहत
  • बढ़ती उम्र
  • पुरुष होना

क्या आप कार्डियोवैस्कुलर डिज़ीज़ को रोक सकते हैं?

यहाँ अच्छी ख़बर है: रिसर्च से पता चलता है कि लाइफ़स्टाइल में बदलाव आपकी कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ पर “गहरा असर” डाल सकती हैं. तो, अगर आपकी कोई ऐसी आदतें हैं जो आपका रिस्क बढ़ाती हैं, तो अब बदलाव करने का बढ़िया वक़्त है. 

सेहतमंद आदतें अपनाकर, आप अपने हार्ट, फेफड़ों, ब्लड वेसल्स, और सर्कुलेशन की सेहत को बेहतर बना सकते हैं, जिससे धीरे-धीरे CVD का रिस्क कम होता है. Oura के साथ, आप समय के साथ इन पॉज़िटिव बदलावों को आसानी से मॉनिटर कर सकते हैं.

Oura के नए हार्ट की हेल्‍थ फ़ीचर के साथ ज़्यादा सेहतमंद और लंबी ज़िंदगी जिएँ.
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कार्डियोवैस्क्युलर हेल्थ बेहतर करने के 8 साइंस-बेस्ड तरीके

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1. मेडिटेरेनियन-स्टाइल डाइट खाएं

एक ट्रेडिशनल मेडिटेरेनियन डाइट, जो फलों, सब्ज़ियों, दाल, साबुत अनाज, नट्स, मछली, और हेल्दी फ़ैट्स से भरपूर होती है, कार्डियोवैस्क्युलर डिज़ीज़ (CVD) के रिस्क को कम करने के लिए बेहतरीन है. 2007 की एक स्टडी में पाया गया कि इस डाइट को फ़ॉलो करने वाले लोगों में दोबारा होने वाली हार्ट डिज़ीज़ का रिस्क 50 से 70% कम था.

इसके अलावा, ऐसे खाने से बचें जिनमें सैचुरेटेड फ़ैट, नमक, और शुगर ज़्यादा होती है, जैसे सोडा, फ़्रेंच फ़्राइज़, बर्गर, डोनट्स, और फ़्रूट जूस. स्टडीज़ से पता चला है कि इस तरह के खाने से आर्टेरियल स्टिफ़नेस और CVD का रिस्क बढ़ सकता है.

2. शराब कम करें

जबकि कुछ रिसर्च है कि कम से मॉडरेट मात्रा में शराब लेना शायद उम्र बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन ज़्यादातर एक्सपर्ट्स कार्डियोवैस्क्युलर हेल्थ के लिए रोज़ाना पीने से बचने की सलाह देते हैं. शराब का इस्तेमाल हाइपरटेंशन, कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़, स्ट्रोक, और कार्डियोमायोपैथी से जुड़ा है. 

हद से ज़्यादा पीना, यानी पुरुषों के लिए दो घंटे में पाँच या उससे ज़्यादा ड्रिंक्स और महिलाओं के लिए चार या उससे ज़्यादा ड्रिंक्स लेना, ख़ास तौर पर काफ़ी नुकसानदायक होता है. रिसर्च से पता चला है कि इससे हाई ब्लड प्रेशर, ज़्यादा बॉडी मास इंडेक्स, बढ़े हुए ट्राइग्लिसराइड लेवल्स और सूजन से जुड़े मार्कर्स का ख़तरा बढ़ जाता है.

3. रोज़ाना एक्सरसाइज़ करें

रोज़ाना फ़िज़िकल एक्टिविटी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर, हार्ट मसल को मज़बूत करके, और आर्टेरियल स्टिफ़नेस को कम करके कार्डियोवैस्क्युलर हेल्थ को बढ़ाती है . एक्सरसाइज़ “एंडोथीलियल फ़ंक्शन” को भी बेहतर बनाती है, यानी ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत का परफ़ॉर्मेंस, जो आर्टेरियल फ़्लेक्सिबिलिटी में योगदान देती है और CVD का रिस्क कम करती है. हफ़्ते में 150 मिनट की मॉडरेट से तेज़ इंटेंसिटी वाली एक्सरसाइज़ करने का टार्गेट रखें.

मेंबर टिप: Oura आपकी एक्टिविटी को अपने आप और सटीक तरीक़े से डिटेक्ट करता है, जिससे आप दिन भर की अपनी सारी मूवमेंट का हिसाब रख सकते हैं. (हाँ, घर का काम भी गिना जाता है!) 

4. अपनी मौजूदा सेहत से जुड़ी हालतों पर नज़र रखें.

अपनी हेल्थ मेट्रिक्स जैसे रेस्टिंग हार्ट रेट, हार्ट रेट वेरिएबिलिटी, कोलेस्ट्रॉल लेवल्स, और हार्ट रिदम पर नज़र रखें, जिनमें से कुछ आप Oura Ring जैसे वियरेबल से भी कर सकते हैं साथ ही अपने डॉक्टर के पास नियमित जाकर भी. पहले से मौजूद बीमारियों, जैसे स्लीप एपनिया, का जल्दी इलाज CVD के ख़तरे को कम करने के लिए बहुत ज़रूरी है.

मेंबर टिप: जबकि Oura स्लीप एप्निया को डायग्नोज़ नहीं कर सकता, यह स्लीप एप्निया के संभावित संकेतों के बारे में मददगार जानकरी देता है, जैसे कम ब्लड ऑक्सीजन लेवल्स और सांस लेने में परेशानी.

5. स्ट्रेस को मैनेज करें. 

लगातार रहने वाला स्ट्रेस आपके दिल पर बुरा असर डालता है, जिससे आपका CVD रिस्क बढ़ता है. मैनेज करें स्ट्रेस को आदतों से जैसे मेडिटेशन, सांस की एक्सरसाइज़, एक्सरसाइज़, अच्छी नींद लेना, नेचर में वक़्त बिताना, और सोशल कनेक्शन्स. 

इसके अलावा, स्टडीज़ बताती हैं कि पॉज़िटिव मेंटल हेल्थ वाले लोगों में CVD का रिस्क कम होता है.

मेंबर टिप: अपने रोज़ाना के तनाव लेवल्स को मॉनिटर करने के लिए Oura के डे टाइम स्ट्रेस फ़ीचर का इस्तेमाल करें — अगर आपको स्ट्रेस का पीक दिखता है, तो Oura ऐप पर कंटेंट एक्सप्लोर करें के तहत गाइडेड मेडिटेशन या सांस की एक्सरसाइज़ ट्राई करें ताकि आपका दिमाग़ शांत हो सके.

6. सेहतमंद वज़न बनाए रखें

मोटापा CVD का ख़तरा काफ़ी बढ़ा देता है, क्योंकि इससे नसों में फ़ैट जमा होने लगता है और दिल व दूसरे ऑर्गन्स पर ज़्यादा दबाव पड़ता है. यह अक्सर दूसरे रिस्क फ़ैक्टर्स जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज़, और आर्टेरियल स्टिफ़नेस से जुड़ा होता है. रेगुलर एक्सरसाइज़, कैलोरी-कंट्रोल्ड डाइट, प्रोसेस्ड फ़ूड और शराब कम करके, अच्छी नींद, और हेल्थकेयर प्रोवाइडर से हार्मोनल समस्याओं की जाँच करके सेहतमंद वज़न बनाए रखें.

7. नींद को अहमियत दें

नींद के दौरान, बॉडी कई रिस्टोरेटिव प्रोसेस से गुज़रती है जो ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को रेगुलेट करते हैं और स्ट्रेस हार्मोन्स व सूजन को कम करते हैं, जो सभी हार्ट हेल्थ में योगदान देते हैं.

दरअसल, स्टडीज़ बताती हैं कि सिर्फ़ एक रात की नींद की कमी भी सेहतमंद एडल्ट्स में आर्टेरियल स्टिफ़नेस/नसों में अकड़न बढ़ा सकती है, जो हार्ट हेल्थ के लिए नींद की अहमियत को साफ़ तौर पर दिखाता है.

मेंबर टिप: Oura आपके आइडियल बेडटाइम खोजने में मदद करता है, आपके क्रोनोटाइप के आधार पर, जिससे एक पर्सनलाइज़्ड स्लीप रूटीन बनाने में मदद मिलती है.

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8. स्मोकिंग छोड़ें

स्मोकिंग CVD का एक बड़ा रिस्क फ़ैक्टर है. तंबाकू के धुएँ में मौजूद ज़हरीले केमिकल्स, जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड और निकोटीन, कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को नुक़सान पहुँचाते हैं. अच्छी बात ये है कि स्मोकिंग छोड़ने के बाद आपकी बॉडी — ख़ास तौर पर आपके फेफड़े, दिल और ब्लड वेसल्स — ख़ुद को ठीक करना शुरू कर देते है. एक साल तक स्मोक-फ़्री रहने के बाद, आपका हार्ट अटैक का रिस्क आधा हो जाता है. 

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