Oura का मक़सद ऐसे टूल्स बनाना है जिन पर आप और रिसर्चर दोनों भरोसा कर सकें. इसी बात को ध्यान में रखते हुए, हमने Oura Ring के टेंप्रेचर सेंसर की एक इंटर्नल वैलिडेशन स्टडी की, जिसके बारे में इस ब्लॉग में बताया गया है.

इस स्टडी के नतीजे में पता चला कि Oura का टेंप्रेचर सेंसर हर मिनट 0.13°C तक के बदलाव को सटीकता से माप सकता है. लैब कंडीशन्स में Oura की परफ़ॉर्मेंस रिसर्च-ग्रेड iButton से लगभग परफ़ेक्ट मैच करती है — 99% से भी ज़्यादा. रियल वर्ल्ड कंडीशंस में यह 92% तक एक्यूरेट है.

Oura टेम्परेचर कैसे मापता है

Oura आपकी उंगली के नीचे वाले हिस्से से डायरेक्ट हर मिनट टेम्परेचर मापता है. इस तरह का टेम्परेचर डेटा मिलना काफ़ी काम की चीज़ है.

हालाँकि बहुत लोग टेम्परेचर मापने का मतलब जीभ के नीचे थर्मामीटर रखना समझते हैं, Oura उस साइंटिफ़िक मूवमेंट का हिस्सा है जो बॉडी टेम्परेचर को समझने के तरीक़े में बड़े बदलाव ला रहा है:

पहली बात, टेम्परेचर को हर मिनट मापने से ज़्यादा जानकारी मिलती है. आपकी हार्ट रेट की तरह ही, आपकी बॉडी टेम्परेचर भी लगातार बदलती रहती है, क्योंकि आपकी बॉडी अंदरूनी और बाहरी बदलावों के मुताबिक़ ख़ुद को ढालती रहती है. मुंह में लगाने वाले थर्मामीटर से टेम्परेचर नापना, चाहे दिन में कई बार ही क्यों न हो, आपकी बॉडी टेम्परेचर की बस एक सीमित झलक देता है. वहीं, लगातार मापने से आपकी बॉडी में होने वाले बदलावों की पूरी तस्वीर सामने आती है.

दूसरी बात, स्किन टेम्परेचर आपकी बॉडी में होने वाले अहम टेम्परेचर बदलावों को कैप्चर करता है. आपकी बॉडी अपनी कोर टेम्परेचर को बहुत ही सीमित रेंज में रखती है, इसके लिए वह स्किन तक और स्किन से हीट भेजती और वापस लाती रहती है, (जो आपकी बॉडी के “शेल” का हिस्सा होती है). इसका मतलब है कि जो जगहें आपके कोर टेम्परेचर का अंदाज़ा लगाने की कोशिश करती हैं (जैसे मुंह), वहां मापने से दिनभर में सिर्फ़ छोटे बदलाव दिखते हैं — करीब 0.5-1°C. इसके उलट, आपका स्किन टेम्परेचर पूरे दिन में करीब 15°C या उससे भी ज़्यादा बदलता है, और इसलिए मिनट-मिनट और घंटे-घंटे होने वाले छोटे-छोटे टेम्परेचर फ़्लक्चुएशन को पकड़ लेता है.

मानें या न मानें, स्किन टेम्परेचर में ऐसे तेज़ और बड़े उतार-चढ़ाव काफ़ी जानकारी देने वाले होते हैं. ये आपकी बॉडी के ध्यान से ट्यून किए गए टेम्परेचर रेगुलेशन सिस्टम को दिखाते हैं, जो पूरे दिन स्किन के ज़रिए हीट को बाहर भेजकर आपके कोर टेम्परेचर को काफ़ी स्टेबल रेंज में रखता है. आपकी बॉडी हीट को कितना और किस पैटर्न में रीडायरेक्ट करती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप हेल्दी हैं या बीमार, पुरुष हैं या महिला, सो रहे हैं या जागे हुए, और भी बहुत कुछ.

रिसर्चर पहले से ही स्किन टेम्परेचर का इस्तेमाल करके कई तरह के चीज़ों की हमारी समझ को बेहतर बना रहे हैं, जिसमें REM 1 और नींद की क्वालिटी 2,3 की पहचान, बुखार का पता लगाना 4, और पीरियड्स की मॉनिटरिंग 5,6 शामिल हैं

इसके अलावा, Oura Ring अपने इनोवेटिव डिज़ाइन की वजह से हाई क्वालिटी टेम्परेचर डेटा कलेक्ट करने के लिए ख़ास तौर पर बना है:

  • सटीक सेंसर: Oura Ring में एक सोफ़िस्टिकेटेड NTC टेंप्रेचर सेंसर है, जो हार्डवेयर के अंदर होने वाले टेम्परेचर चेंजेज़ का ध्यान रखते हुए आपकी स्किन से बिल्कुल सटीक माप लेता है.
  • फ़ॉर्म फ़ैक्टर: यह फ़ॉर्म फ़ैक्टर आपकी उंगली को चारों तरफ़ से घेरता है, जिससे स्किन के साथ परफ़ेक्ट कॉन्टैक्ट बना रहता है. कलाई वाले सेंसर्स अक्सर स्किन से कॉन्टैक्ट खो देते हैं, जिससे डेटा की क्वालिटी पर असर पड़ता है.7
  • बैटरी डिज़ाइन: Oura Ring को इस तरह इंजीनियर किया गया है कि यह बैटरी पर कोई स्ट्रेन डाले बिना, कई दिनों तक हाई सैंपलिंग रेट पर लगातार डेटा कलेक्शन कर सके.

वैलिडेशन

Oura की साइंस टीम ने एम्प्लॉयीज़, डेटा साइंटिस्ट्स, फ़िज़ियोलॉजिस्ट्स, और इंजीनियर्स की एक टास्क फ़ोर्स बनाई ताकि पब्लिकली अवेलेबल वैलिडेशन रिज़ल्ट्स को फ़ास्ट-ट्रैक किया जा सके. कुल मिलाकर, टीम ने सिर्फ़ एक हफ़्ते में 93,571 डेटा पॉइंट्स कलेक्ट कर लिए.

टास्क फ़ोर्स ने Oura की परफ़ॉर्मेंस एवैल्यूएट करने के लिए iButton सेंसर्स को रिसर्च-ग्रेड टूल के तौर पर चुना. 8 इस स्टडी का मक़सद सिर्फ़ लैब कंडीशंस में Oura के टेंप्रेचर सेंसर को वेलिडेट करना ही नहीं था, बल्कि यह दिखाना भी था कि असली दुनिया की शोर-गुल वाली सिचुएशंस में डेटा मापने की चुनौतियों के बावजूद भी Oura अपनी परफ़ॉर्मेंस बनाए रखता है.

नोट: इस वैलिडेशन में रिसर्च के लिए डेटाइम टेम्परेचर डेटा कलेक्शन को एनेबल करना शामिल था. डेटाइम टेम्परेचर रीडिंग्स फ़िलहाल Oura ऐप में उपलब्ध नहीं है.

प्रोटोकॉल कुछ यूं था:

  • लैब कंडीशंस: Oura के टेंप्रेचर सेंसर को सिर्फ़ मेज़रमेंट टूल्स के तौर पर एवैल्यूएट करने के लिए, Oura Ring का टेस्ट अलग से किया गया (उंगलियों पर नहीं) — 7 iButtons के साथ टेम्परेचर-कंट्रोल्ड वॉटर बाथ्स में. इन्हें सटीक टेम्परेचर रेट्स और रेंज में टेस्ट किया गया, ताकि स्किन टेम्परेचर की पूरी फ़िज़ियोलॉजिकल रेंज कवर हो सके — बहुत कम तापमान से लेकर बहुत ज़्यादा तक. इसमें 9°C (जो Oura के अंटार्कटिका डेटा से लिया गया) से लेकर 45°C तक शामिल था, जो बुख़ार के दौरान इंसानी बॉडी की सहन-सीमा से थोड़ा ऊपर होता है.
  • रियल-वर्ल्ड कंडीशंस: 16 लोगों ने एक हफ़्ते तक Oura Ring के साथ-साथ 5 iButton सेंसर्स को अपनी उंगलियों, कलाइयों, बाज़ुओं, पेट और कपड़ों पर 24/7 पहना.

नतीजे

डेटा एनालाइज़ करने से कंफ़र्म हुआ कि Oura का टेंप्रेचर सेंसर:

  • लैब कंडीशंस में रिसर्च-ग्रेड परफ़ॉर्मेंस से मैच करता है
  • असल ज़िंदगी की परिस्थितियों में भी ये सटीक रहता है
  • यह आपके फ़िज़ियोलॉजी में होने वाले बदलाव दिखाता है, न कि आसपास के माहौल को

आप नीचे इन नतीजों को देख सकते हैं.

Oura का टेंप्रेचर सेंसर लैब कंडीशंस में रिसर्च-ग्रेड परफ़ॉर्मेंस से मैच करता है

नतीजों से पता चला कि Oura Ring की टेम्परेचर माप, रिसर्च-स्टैंडर्ड iButton की परफ़ॉर्मेंस से मैच करती है (r² >0.99). यह 0.13°C जितने छोटे बदलाव भी सटीकता से पकड़ पाती है, और कुल मिलाकर इसकी एक्यूरेसी 0.36°C के अंदर रहती है.

Oura का टेंप्रेचर सेंसर असली दुनिया में भी बेहद सटीक बना रहता है

Oura के टेंप्रेचर सेंसर को असली हालात में परखने के लिए, 16 लोगों ने एक हफ़्ते तक एक ही उंगली पर iButton और Oura Ring दोनों पहने. इन लोगों ने दिखाया कि Oura ने एक्सरसाइज़, नहाना, खाना बनाना, काम और बीच की हर चीज़ में iButtons (r² >0.92) के साथ बराबरी की.

यहाँ नीचे दिया गया है कि दो लोगों की उंगली पर Oura और iButtons ने दो दिनों में कितनी क़रीब से ट्रैक किया.

Oura का फ़िंगर टेम्परेचर आपकी बॉडी को दिखाता है — माहौल को नहीं

क्योंकि आपकी उंगली बॉडी की स्किन (आपका “शेल”) का हिस्सा है, कोर का नहीं, इसलिए इसका टेम्परेचर बहुत तेज़ी से और ज़्यादा बदल सकता है — उन जगहों से जो कोर टेम्परेचर के क़रीब हैं, जैसे मुंह. हालाँकि, कुछ लोगों को लगता है कि स्किन टेम्परेचर से शायद आस-पास के माहौल के बदलाव पकड़ में आ रहे हों, बॉडी के नहीं.

असल में, स्किन टेम्परेचर में बदलाव काफ़ी अहम बात बताते हैं कि आपकी बॉडी अपने आस-पास के माहौल पर कैसे रिएक्ट करती है — और यह माहौल के टेम्परेचर से अलग है.

मिसाल के लिए, सोचिए कि आप स्नोमैन बनाने के लिए अपने हाथ बर्फ़ में डाल रहे हैं. भले ही आप पूरा हाथ बर्फ़ में डालें, उंगलियां कलाइयों से काफ़ी ज़्यादा ठंडी लगती हैं. हालाँकि माहौल हमारी बॉडी के टेम्परेचर पर असर डालता है, लेकिन उंगलियां सिर्फ़ बर्फ़ का टेम्परेचर ‘माप’ नहीं रहीं — वो दिखा रही हैं कि बॉडी के अंदर क्या हो रहा है, क्योंकि ब्लड फ़्लो उंगलियों, कलाई और शेल के दूसरे हिस्सों में अलग तरह से बदलता है ताकि बॉडी अपना कोर टेम्परेचर बनाए रख सके.

यह पक्का करने के लिए कि फ़िंगर टेम्परेचर ख़ास बदलावों को पकड़ता है, टीम ने उंगली पर लगे iButton सेंसर्स और एक ‘एनवायर्नमेंटल सेंसर’ के बीच फ़र्क़ देखा, जो लोगों के साथ चलता था और उनके आस-पास के माहौल को मापता था.

नतीजों से पता चलता है कि जहाँ Oura Ring और फिंगर iButton 92% (r²=0.92) तक मैच करते हैं, वहीं उंगली से मिली टेम्परेचर की जानकारी आस-पास के टेम्परेचर से जुड़ी नहीं है; 0.1% (r²=0.001).

हालाँकि माहौल हमारे दिमाग़ को टेम्परेचर रेगुलेट करने के फ़ैसले लेने में मदद करता है, लेकिन यह अकेले आपकी उंगली का टेम्परेचर तय नहीं करता. इससे और भी ज़्यादा भरोसा होता है कि Oura टेम्परेचर आपको दिखाता है, आस-पास के माहौल को नहीं — और कई चीज़ें इस ख़ास सिग्नल में योगदान देती हैं, जैसे दिन का वक़्त, स्ट्रेस लेवल, हॉर्मोन्स, एक्टिविटीज़ और नींद.

नीचे दो उदाहरण हैं जो साफ़ दिखाते हैं कि Oura Ring के टेम्परेचर और इन लोगों के आस-पास के माहौल के टेम्परेचर में पूरे दिन कितना फ़र्क़ रहता है.

अब आगे क्या?

हमारी टीम हमेशा अपने टूल्स को बेहतर बना रही है इस उम्मीद के साथ कि लोग और रिसर्चर्स अपनी सेहत के बारे में और ज़्यादा जान पाएं. Oura टेम्परेचर सिग्नल पहले से ही असली इस्तेमाल में काम आ रहा है जैसे बुख़ार पता लगाना और पीरियड्स ट्रैक करना.

लगातार मिलने वाला स्किन टेम्परेचर डेटा हमारी सेहत को बेहतर समझने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, और रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए भी एक मज़बूत टूल है. हमें उम्मीद है कि जैसे-जैसे हम नए पैटर्न खोजेंगे, हम अपना काम आपके साथ शेयर करते रहेंगे और आपके साथ मिलकर काम करेंगे.

और पढ़ें

 


संदर्भ

  1.  Henane, R., Buguet, A., Roussel, B. & Bittel, J. Variations in evaporation and body temperatures during sleep in man. J. Appl. Physiol. 42, 50–55 (1977).
  2. Weiss, N., Attali, V., Bouzbib, C. & Thabut, D. Altered distal-proximal temperature gradient as a possible explanation for sleep-wake disturbances in cirrhotic patients. Liver Int. Off. J. Int. Assoc. Study Liver 37, 1776–1779 (2017).
  3.  Garrido, M. et al. Abnormalities in the 24-hour rhythm of skin temperature in cirrhosis: Sleep-wake and general clinical implications. Liver Int. Off. J. Int. Assoc. Study Liver 37, 1833–1842 (2017).
  4.  [Preprint] Smarr, B., Aschbacher, K., Fisher, S. M., Chowdhary, A., Dilchert, S., Puldon, K., … & Mason, A. E. (2020). Feasibility of continuous fever monitoring using wearable devices.
  5. Maijala, A., Kinnunen, H., Koskimäki, H., Jämsä, T. & Kangas, M. Nocturnal finger skin temperature in menstrual cycle tracking: ambulatory pilot study using a wearable Oura Ring. BMC Womens Health 19, 150 (2019).
  6.  [Preprint] Grant, A. D., Newman, M. & Kriegsfeld, L. J. Ultradian Rhythms in Heart Rate Variability and Distal Body Temperature Anticipate the Luteinizing Hormone Surge Onset. bioRxiv 2020.07.15.205450 (2020) doi:10.1101/2020.07.15.205450.
  7. [Preprint] Smarr, B., Aschbacher, K., Fisher, S. M., Chowdhary, A., Dilchert, S., Puldon, K., … & Mason, A. E. (2020). Feasibility of continuous fever monitoring using wearable devices.[Preprint] Grant, A. D., Newman, M. & Kriegsfeld, L. J. Ultradian Rhythms in Heart Rate Variability and Distal Body Temperature Anticipate the Luteinizing Hormone Surge Onset. bioRxiv 2020.07.15.205450 (2020) doi:10.1101/2020.07.15.205450.
  8. Hasselberg MJ, McMahon J, Parker K. The validity, reliability, and utility of the iButton® for measurement of body temperature circadian rhythms in sleep/wake research. Sleep Med. 2013;14(1):5-11. doi:10.1016/j.sleep.2010.12.011 9.17.20 तक PubMed में 92+ स्टडीज़ में इस्तेमाल हुआ है. (लिंक)