“Oura Ring ने मेरा शक दूर कर दिया: मेरी नींद का सच में बुरा हाल है. कहने को तो मैं 8 घंटे बिस्तर पर होती हूँ, पर नींद ज़रा भी ढंग की नहीं आती.”
मोनिका एक बायोटेक स्टार्टअप में काम करती हैं और अभी सैन फ्रांसिस्को बे एरिया में रहती हैं. वो एक साल से ज़्यादा समय से Oura इस्तेमाल कर रही है, और उसने बताया कि जब से उसने अपने पार्टनर के साथ बिस्तर शेयर करना शुरू किया, उसे अपनी आदतों में कितने बदलाव करने पड़े.”
बिस्तर शेयर करने से पहले मोनिका की नींद
“मुझे अपने पार्टनर से प्यार तो बहुत है, पर जब से हमारी शादी हुई है और हमने रोज़ साथ सोना शुरू किया है, मुझे अपनी पुरानी नींद की याद आने लगी है कि वो कितनी शानदार हुआ करती थी.”
मोनिका अपनी बात जारी रखते हुए कहती है…
“जब तक मुझे किसी के साथ बिस्तर शेयर नहीं करना पड़ता था, मैं लगभग हर रात अच्छी नींद लेती थी. शायद इसकी वजह ये थी कि कॉलेज और काम के लिए बे एरिया में रोज़ाना सफ़र करके मैं बहुत थक जाती थी.” मैं 7 में से अक्सर 4 रातें देर तक (करीब 1 बजे तक) जागती थी (ज़्यादातर बिना बात के सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए और काम टालते हुए). क्योंकि मैं रोज़ खुद को इतना थका देती थी, इसलिए जब तक मैं बिस्तर पर पहुँचती, मुझे सोने में कभी कोई दिक्कत नहीं होती थी. जब मैं बीस-बाईस साल की थी, तब मैंने अपनी इन ख़राब सोने की आदतों के बारे में कभी दोबारा सोचा ही नहीं. क्योंकि जब आप जवान होते हो, तो आपको लगता है कि आप कुछ भी कर सकते हो और आपके पास पूरी ज़िंदगी पड़ी है ये सब ठीक करने के लिए, है ना?
“मुझे लगता है कि इतने लंबे समय तक अपनी नींद के शेड्यूल को बिगाड़ने के बावजूद मैं इसलिए बची रही क्योंकि मैं अकेली सोती थी, अपने खुद के कमरे में, अपने बिस्तर पर और उन कंडीशन में जो मैंने खुद अपने लिए चुनी थी.”
लेकिन, उन सालों के दौरान मोनिका एक ज़रूरी बात भूल गई थी: कि जब भी वो सोने जाती थी, वो अकेली होती थी.
पार्टनर के साथ बिस्तर शेयर करने के बाद मोनिका की नींद
ज़रा सोचिए: आप सुबह 5:30 बजे उठे, तैयार हुए, एक केला खाया और कार लेकर निकल गए. फिर 1 से 3 घंटे ट्रैफ़िक में फंसे रहे, ऑफ़िस पहुँचे, शाम के 6-7 बजे तक काम किया, फिर दोबारा ट्रैफ़िक झेला और आख़िरकार जब घर पहुँचे, खाना खाया और थक-हार कर लगा कि अब दिन खत्म करते हैं और जैसे ही आप बिस्तर पर जाते है, आप किसी दूसरे इंसान को वहाँ पाते हैं.
अगर ये सुनने में ही इतना थकाने वाला लग रहा है, तो ज़रा सोचिए कि आपकी बॉडी पर क्या गुज़रेगी जब आपको अचानक अपनी नींद का पूरा एनवायरनमेंट या टाइमिंग बदलनी पड़े. मोनिका भी यही बात बताती है.
“जब मेरी ज़िंदगी में मेरा पार्टनर आया और हम साथ में सोने लगे, तो मेरी पूरी दिनचर्या ही बदल गई.” बिस्तर के साइज़ से कोई फ़र्क नहीं पड़ता था, मुझे बस यही महसूस होता था कि मेरे पास फैल कर सोने के लिए अपनी जगह नहीं है – जितनी मुझे चाहिए थी और मज़े की बात ये है कि मैं हमेशा से ही सिमट कर सोने की आदी रही हूँ. मैंने अपने सोने के समय को लेकर काफ़ी सख़्ती बरतनी शुरू कर दी थी. अगर सोते-सोते थोड़ी भी देर हो जाती, तो मुझे चिड़चिड़ाहट होने लगती थी. मुझे पता था कि बिस्तर पर लेटते ही मुझे तुरंत नींद नहीं आएगी और न ही मैं रात भर चैन से सो पाऊँगी. इसलिए, नींद की उस कमी को पूरा करने के लिए मैंने जल्दी बिस्तर पर जाना शुरू कर दिया. मुझे इस बात का डर सताने लगा था कि मेरी नींद पूरी नहीं हो पाएगी. और अक्सर ऐसा ही होता था.”
जब कई रातें करवटें बदलते और बेचैनी में गुज़र गई, तो मोनिका को समझ आ गया कि अब कुछ बदलने की ज़रूरत है.
“हमारी शादी को क़रीब एक साल होने वाला था जब मैंने एक बड़ा बदलाव करने का फ़ैसला किया. मेरे पार्टनर इस बात को लेकर बहुत सपोर्ट करते थे कि मुझे अच्छी नींद के लिए जो भी करना पड़े, मैं करूँ – और तब मैंने Oura की मदद ली.”
मोनिका और Oura
“सितंबर 2019 के आख़िर में मुझे मेरी Oura Ring मिली. हालाँकि इसे पहनते ही कोई जादू नहीं हुआ कि मेरी नींद अचानक ठीक हो गई हो, लेकिन Oura ने मुझे वो सच दिखा दिया जो मैं हमेशा से महसूस कर रही थी: कि मेरी नींद के साथ वाकई कोई गंभीर समस्या थी. या तो मेरी पूरी रात हल्की नींद में गुज़रती थी, या फिर मेरी नींद बहुत जल्दी खुल जाती थी और उसके बाद दोबारा सोना नामुमकिन हो जाता था.”
Oura इस्तेमाल करने के शुरुआती दिनों में मोनिका को अपनी नींद के कुछ इसी तरह के आँकड़े देखने को मिले.
“जो मुझे दिख रहा था वो मुझे पसंद तो नहीं आ रहा था, लेकिन उसने मेरी थकान को साबित कर दिया. अब मेरे पास ऐसे आँकड़े थे जो मैं अपने पार्टनर को दिखा सकती थी, अगर कभी उनकी वजह से मेरी नींद ख़राब हो रही हो या वो सोने से पहले रिलैक्स करने में ढिलाई बरत रहे हों. इन आँकड़ों ने ही बदलाव के लिए मुझे मोटिवेट किया.”
और मोनिका ने बिल्कुल वही किया – उसने बदलाव लाना शुरू कर दिया.
“जब मैंने देखा कि मेरी हार्ट रेट में उतार-चढ़ाव (HRV) से लेकर मेरी पूरी नींद तक, सब कुछ गड़बड़ चल रहा है, तब मैंने सोने से पहले के अलग-अलग रूटीन के साथ एक्सपेरिमेंट करना शुरू किया. मैं यह देखना चाहती थी कि क्या दूसरा बिस्तर ख़रीदे बिना भी मुझे चैन की नींद में मदद मिल सकती है.”
ख़ुद को सोने के लिए ज़्यादा समय देने से थोड़ी मदद तो मिली, लेकिन मेरी नींद अभी भी रात में खुल जाती थी. रात के समय पानी पीना कम करने से रात में नींद टूटने में थोड़ा सुधार तो हुआ, लेकिन जैसा नतीजा मैं चाहती थी, यह अभी भी वैसा नहीं था. लेकिन कॉस्टको जाने के बाद मेरी किस्मत चमक गई.”

“मुझे यह कंबल मिला और यह इतना मुलायम था कि मैंने ज़िंदगी में ऐसा कुछ महसूस नहीं किया था, तो मैंने इसे ले लिया. शुरुआत में मैंने इसके बारे में ज़्यादा कुछ नहीं सोचा, बस मेरा मन था कि मैं इसे ओढ़कर सोऊँ. तो, उस रात मैंने वह नया कंबल इस्तेमाल किया और मेरे पार्टनर ने रजाई. अगली सुबह, मैंने वो बदलाव महसूस किया जिसे मैं नामुमकिन मान रही थी. एक लंबे अरसे के बाद पहली बार मुझे महसूस हुआ कि मेरी नींद पूरी हुई है और Oura के साथ उस पहली रात के करीब दो महीने बाद, आख़िरकार मुझे एक बेहतरीन नींद का स्कोर देखने को मिला.”
मोनिका की तरफ़ से नींद के कुछ आसान टिप्स
1. बदलाव करने में बिलकुल नहीं हिचकिचाएँ, भले ही आप अपने पार्टनर के साथ बिस्तर शेयर करते हों. “अलग बिस्तर लेने का मन नहीं था (क्योंकि यह थोड़ा ख़राब लगता), इसलिए अलग कंबल चुनने का फ़ैसला हमारे लिए ‘गेम-चेंजर’ साबित हुआ. माना कि यह तरीक़ा हमेशा एकदम परफ़ेक्ट नहीं होता, पर अपनी नींद और रात के अपने सुकून को वापस पाने के लिए मुझे इसी की ज़रूरत थी. मुझे अपनी नींद और रेडिनेस स्कोर में तुरंत सुधार दिखने लगा. चाहे इसकी वजह यह हो कि अब मुझे पार्टनर की बॉडी की गर्मी कम महसूस होती है या यह कि मैं उनकी कंबल चोरी करने की आदत से आज़ाद हो गई हूँ, जो भी हो, यह तरीक़ा काम कर रहा है. आपको भी अपनी ज़रूरत के हिसाब से बदलाव करने के लिए हमेशा सही महसूस करना चाहिए.”
2. असली बदलाव लाने की दिशा में पहला कदम है, पूरी तरह वाकिफ़ रहना. “सुबह उठते ही सबसे पहले मैं Oura चेक करती हूँ और रात को सोने से पहले भी सबसे आख़िरी काम यही होता है.” अगर मैंने मेरी Oura Ring लेने का फ़ैसला नहीं किया होता, तो मुझे समझ ही नहीं आता कि मैं अपनी नींद सुधारने की शुरुआत आख़िर कहाँ से करूँ. उस चीज़ को ठीक करना बहुत मुश्किल है, जिसके बारे में आपको कुछ पता ही नहीं हो. मैं महसूस तो कर पा रही थी कि ख़राब नींद मेरी बॉडी पर क्या असर डाल रही है, लेकिन Oura ने मुझे वह साफ़-साफ़ दिखा दिया. मेरी बॉडी के साथ असल में क्या हो रहा है, यह समझने के बाद ही मुझे वह प्रेरणा मिली जिससे मुझे बदलाव शुरू करने की ज़रूरत थी.”
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